अहंकारी बना देता है और उसी के अनुसार काम करता है. ऐसे में जब कुछ न सूझे और दिमाग शून्य हो जाये तो हमें किसी विवेकी मनुष्य या गुरू की शरण जाना चाहिए.
शून्य – भाग-13
अहंकारी बना देता है और उसी के अनुसार काम करता है. ऐसे में जब कुछ न सूझे और दिमाग शून्य हो जाये तो हमें किसी विवेकी मनुष्य या गुरू की शरण जाना चाहिए.